Saturday, October 31, 2009

अब क्या लिखूं, चाँद सितारों की बात,
दिलो के मिलने  बिछड़ने की बात,
शरमा कर झुकती आंखे और दहकती आंखों की बात,
आज लिखना चाहता हूं, जज्बातों की बात बदलते रिस्तो की बात,
वो दोस्तों की बात, जिनके लिए सच को झूठ और झूठ को सच किया था,
जीवन के इस आपाधापी में, कहकहों को शांत होते देखा है,
जज्बातों को बिकते देखा है,
अब क्या लिखूं, चाँद सितारों की बात|

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