1 तू कहे तो तेरी यादों में बस जाउंगा, प्यार कभी हो ना कम तुम्हे अपना बना लूँगा |
वफ़ा की राह में रहे रौशन ऐसा दीप जलाऊंगा, तेरी यादों में बस जाऊंगा |
प्यार के राह में ऐसा मुकाम आये, किसी के नाम से पहले मेरा नाम गुनगुनाय ,
उन लम्हौं को अपना बना लूँगा, तेरी यादों में बस जाऊंगा |
2 टूटते तारे की तरह एक दिन हम जहां छोड़ चलेंगे,
दिलकश एक मेहमान की तरह खुशियों की सारी दुआ दिए जाएंगे |
3 जिया है जिन्दगी तो इस कदर, हर गम को भुलाना चाहता हूं |
ज़िन्दगी में कुछ भी नहीं बस एक मुकाम चाहता हूं |
4 इन आसूंओं से ऐसी आहट क्यों होती है, जाने दिल में ये सुगबुगाहट सी क्यों होती है ,
किसी के जाने का गम इस कदर छाया है, बिन आवाज़ बादलों में गर्गाराहट क्यों होती है,
घिर गया हूं इन्ही सवालों में, सांसें रुकी पर आंखें नम क्यों होती है |
5 नमन करता हूँ, स्वतंत्रता की नीव जिनके लहू से है,
नमन करता हूँ, खेतो की हरयाली जिनके पसीने से है,
नमन करता हूँ, इस धरा को जहाँ जीवन का रंग देखा
6 अब तो खामोशी से हंस कर ज़िंदगी से कहता हूँ ये क्या आँख मिचोली है , है ये कैसी तेरी अठखेली है ,आग लगती मेरे सिने मे , और हर लम्हा मुस्कुरा कर जीना सिखाती है , तू बड़ी अलबेली है मतवाली है ए ज़िंदगी तू बहुत मतवाली है...
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