सूरज हूँ तो होने दो नमूदार(ज़ाहिर) मुझे भी
करना है तेरी दुनिया को बेदार मुझे भी
करना है तेरी दुनिया को बेदार मुझे भी
वह मेरा हौसला ऐसा बढ़ाया करता है
कि मुझको मेरी नज़र में गिराया करता है
कि मुझको मेरी नज़र में गिराया करता है
मैं अपने हिस्से का हँस लू मेरी कहाँ है किस्मत
बस अपने हिस्से का रो लिया है यही बहुत है
बस अपने हिस्से का रो लिया है यही बहुत है
दूसरों से तो लड़ लूंगा मैं
ख़ुद से लड़ना सिखा दीजिए
ख़ुद से लड़ना सिखा दीजिए
जिसको देखों वही सफ़र में है
हर किसी का सफ़र अधूरा है
हर किसी का सफ़र अधूरा है
------------------------------------------तैमूर